Aml Kshar aur Lavan Class 7 Notes – अम्ल, क्षार और लवण

NCERT Aml Kshar aur Lavan Class 7 Notes in Hindi : यह नोट्स Class 7 Science NCERT New Book के लेटेस्‍ट पैटर्न के आधार पर तैयार किया गया है, जिसे हमारे Expert के द्वारा तैयार किया गया है। यह नोट्स Latest 2027 के पैटर्न पर आधारित है।

Aml Kshar aur Lavan Class 7 Notes

Chapter 4 अम्ल, क्षार और लवण

अम्‍ल वह पदार्थ है, जिसका जलीय विलयन स्‍वाद में खट्टा होता है।

क्षार वह पदार्थ है, जिसका जलीय विलयन स्‍वाद में कड़वा होता है।

अम्‍ल और क्षार के अभिक्रिया के फलवस्‍वरूप लवण और जल प्राप्‍त होता है।

नींबू का रस अम्‍लीय होता है जबकि साबुन का घोल क्षारीय होता है।

किसमें पाया जाता है-अम्‍ल का नाम

सिरका–ऐसीटिक अम्‍ल

चींटी का डंक–फॉर्मिक अम्‍ल

संतरा और नींबू-साइट्रिक अम्‍ल

दही–लैक्टिक अम्‍ल

पालक, टमाटर-ऑक्‍सेलिक अम्‍ल

आँवला–ऐस्‍कॉर्बिक अम्‍ल

इमली, अंगूर, कच्‍चे आम-टार्टरिक अम्‍ल

किसमें पाया जाता है -क्षारक का नाम

  • चूने का पानी–कैल्सियम हाइड्रॉक्‍साइड
  • खिड़की के काँच आदि साफ करने के लिए उपयुक्‍त मार्जक-अमोनियम हाइड्रॉक्‍साइड
  • साबुन-सोडियम हाइड्रॉक्‍साइड/पोटैशियम हाइड्रॉक्‍साइड
  • दूधिया मैग्‍नीशियम (मिल्क ऑफ मैग्‍नीशिया)-मैग्‍नीशियम हाइड्रॉक्‍साइड

हमारे आस-पास के प्राकृतिक सूचक

  • सबसे सामान्‍य रूप से उपयोग किया जाने वाला प्राकृतिक सूचक लिटमस है, जिसे लाइकेन नामक शैवाल से प्राप्‍त किया जाता है।
  • ऐसे पदार्थ जो किसी पदार्थ के अम्‍लीय या क्षारीय होने की जाँच करते हैं उन्‍हें सूचक कहते हैं। जैसे- हल्‍दी, लिटमस पत्र आदि।
  • अम्‍ल नीले लिटमस पत्र को लाल कर देता है।
  • क्षार लाल लिटमस पत्र को नीला कर देता है।
  • हल्दी एक प्राकृतिक सूचक है। अम्लीय विलयन में हल्‍दी का रंग पीला रहता है तथा क्षारीय विलयन में यह लाल हो जाता है।

फ़िनॉल्‍फथेलिन भी सूचक है। जब यह क्षारीय विलयन से क्रिया करता है, तो विलयन का रंग गुलाबी हो जाता है। जब विलयन अम्‍लीय होता है, तो यह रंगहीन रहता है।

उदासीनीकरण अभिक्रिया- किसी अम्‍ल और किसी क्षारक के बीच होने वाली अभिक्रिया उदासीनीकरण कहलाती है।

  • अम्‍ल और क्षार के अभिक्रिया के फलस्‍वरूप लवण और जल बनता है।
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया में नया पदार्थ बनता है, जो लवण कहलाता है।
  • क्षार + अम्ल → लवण + जल

दैनिक जीवन में उदासीनीकरण के उदाहरण

  • पेट की अम्‍लीयता दूर करने के लिए क्षारीय प्रकृति के विलयन का उपयोग किया जाता है।
  • तालाब की अम्‍लीयता बढ़ जाने पर उसमें क्षारीय चुना जल का उपयोग किया जाता है।
  • जब मृदा अत्‍यधिक अम्‍लीय अथवा क्षारकीय हो जाता है, तो पौधों की वृद्धि अच्‍छी नहीं होती है।
  • जब मृदा अत्‍यधिक अम्‍लीय होती है, तो उसे बिना बुझा चूना (कैल्सियम ऑक्‍साइड) अथवा बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्‍साइड) जैसे क्षारक मिलाकर उसे उदासीन बनाया जाता है।
  • जब मृदा अत्‍यधिक क्षारकीय होती है, तो इसमें जैव पदार्थ मिलाए जाते हैं। जैव पदार्थ (कम्‍पोस्‍ट खाद) मृदा में अम्‍ल निर्मुक्‍त करते हैं, जो क्षारकीय प्रकृति को उदासीन कर देते हैं।
  • अम्‍ल के कारण दाँतों का क्षय होता है, इसलिए टूथपेस्‍ट क्षारीय होता है। जो दाँतों पर पड़ने वाला अम्‍लीय प्रभाव को उदासीन बनाता है।
  • कारखानों से निकलने वाला कचरे अम्‍लीय होते हैं। अगर उसे ऐसे ही जलाशयों और नदियों में डाल दिया जाए, तो मछली और अन्‍य जलीय जीवों की नष्‍ट कर सकते हैं।
  • इसलिए कारखानों से निकलने वाले कचरे में क्षारकीय पदार्थ मिलाकर उसे उदासीन बनाया जाता है। फिर जलाशयों और नदीयों में डाला जाता है।

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