NCERT Vidhut Dhara aur Iske Prabhav Notes Class 7 in Hindi : यह नोट्स Class 7 Science NCERT New Book के लेटेस्ट पैटर्न के आधार पर तैयार किया गया है, जिसे हमारे Expert के द्वारा तैयार किया गया है। यह नोट्स Latest 2027 के पैटर्न पर आधारित है।

Chapter 10 विद्युत धारा और इसके प्रभाव
विद्युत धारा— जिस पथ से होकर विद्युत धारा का प्रवाह होता है, उसे विद्युत परिपथ कहते हैं। विद्युत परिपथ में बल्ब, स्विच, बैटरी, तार आदि लगे होते हैं।
विद्युत अवयवों के प्रतीक
- दो या दो से अधिक सेलों का संयोजन बैटरी कहलाता है।
- जिस पथ से होकर विद्युत धारा का प्रवाह होता है, उसे विद्युत परिपथ कहते हैं।
- विद्युत परिपथ को दर्शाने के लिए जिन चिन्हों और संकेतों का उपयोग किया जाता है, उसे परिपथ आरेख कहते हैं।
फिलामेन्ट- बल्ब में एक पतला तार होता है, जिसे तन्तु अथवा फिलामेन्ट कहते हैं। यह टंगस्टन का बना होता है।
विद्युत धारा का तापीय प्रभाव
जब विद्युत धारा किसी पथ (तार) से होकर गुजरती है, तो वह गर्म हो जाता है। जिसे विद्युत धारा के तापीय प्रभाव कहते हैं।
हीटर, इस्त्री, रूम हीटर आदि विद्युत धारा के तापीय प्रभाव पर काम करता है।
विद्युत बल्ब का जलना विद्युत धारा के तापीय प्रभाव के घटना के कारण होता है।
विद्युत बल्ब का फिलामेंट टंगस्टन का बना होता है। टंगस्टन से जब विद्युत धारा प्रवाहित किया जाता है तो वह जलकर प्रकाश देने लगता है।
फ्यूज एक सुरक्षा युक्ति है जो विद्युत परिपथ की क्षति तथा शॉर्ट सर्किट के कारण लगने वाली आग से सुरक्षा प्रदान करता है।
विद्युत फ्युज एक तार का टूकड़ा होता है। जो एक सीमा से अधिक विद्युत धारा प्रवाहित होने पर पिघलकर टूट जाता है। जिससे विद्युत धारा का प्रवाह रूक जाता है। जिसके कारण घरों में लगनेवाला उपकरण जैसे टीवी, फ्रीज, वाशिंग मशीन आदि जलने से बच जाता है।
आजकल घरों में फ्यूज के जगह पर विभिन्न क्षमता वाले एम.सी.बी. लगाए जाते हैं जो फ्यूज से अधिक सुरक्षित हैं।
MCB एक तरह का स्विच हैं, जो अपने से होकर प्रवाहित विद्युत-धारा के मान के एक निश्चित सीमा से अधिक हो जाने पर स्वत: ही ऑफ हो जाता है।
CFL का फुल फर्म Compact Fluorescent Lamp होता है। इससे विद्युत की हानि कम होती है।
जब किसी कुण्डली से होकर विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो कुण्डली चुम्बक की भांति व्यवहार करती है जिसे विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव कहते हैं।
विद्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव का खोज ऑर्स्टेड ने किया था।
विद्युत चुंबक
- यह एक ऐसा चुंबक है, जो चुबंक के जैसा उतना हि समय तक व्यवहार करता है जितना समय तक उसमें विद्युत धारा प्रवाहित होते रहता है।
- यह क्रेन के सिरे पर लगा होता है, जिसका उपयोग कबाड़ से चुंबकीय पदार्थों को अलग करने में किया जाता है।
- इसका उपयोग डॉक्टर आँख में गिरे छोटे चुंबकीय पदार्थों को अलग करने में करते हैं।
- विद्युत घंटी में विद्युत चुंबक का उपयोग किया जाता है।